ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स को सूचना मंत्रालय का अल्टीमेटम, अश्लील कंटेंट हटाओ या कार्रवाई झेलो

धर्म admin 31 Dec 2025, 10:23 pm 1 min read
Online Platforms: ऑनलाइन प्लेटफॉर्मों पर अश्लील सामग्री परोसे जाने पर केंद्र सरकार ने सख्त रुख अपनाया है. सरकार का मानना है कि ऐसी सामग्रियों से समाज में हिंसा को बढ़ावा मिलता है साथ ही नैतिक मूल्यों में भी गिरावट आती है. सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने कहा कि यदि सोशल मीडिया कंपनियां ऐसी अश्लील सामग्रियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करती है, तो सरकार को विवश होकर इन सोशल मीडिया कंपनियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करनी पड़ेगी. केंद्र सरकार ने ऑनलाइन प्लेटफॉर्मों विशेषकर सोशल मीडिया कंपनियों को अश्लील, अभद्र, पोर्नोग्राफिक, बाल यौन शोषण से संबंधित और अन्य प्रकार की गैरकानूनी सामग्री पर कार्रवाई न करने पर कानूनी परिणामों की चेतावनी दी है. 29 दिसंबर 2025 को जारी एक सलाह में इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने सोशल मीडिया कंपनियों से अपने प्लेटफॉर्म पर अश्लील और गैरकानूनी सामग्री के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा है अन्यथा उन्हें देश के कानून के तहत मुकदमों का सामना करना पड़ सकता है.

प्रौद्योगिकी नियम 2021 का पालन करने की सलाह
सलाह में कहा गया है कि सोशल मीडिया कंपनियां अपने प्लेटफॉर्म पर अपलोड, प्रकाशित, होस्ट, साझा या प्रसारण में उचित सावधानी बरतें. यह सलाह इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MEITY) के उस अवलोकन के बाद जारी की गई है जिसमें पाया गया है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म अश्लील, अभद्र, अनुचित और गैरकानूनी सामग्री पर सख्ती से कार्रवाई नहीं कर रहे हैं. सलाह में कहा गया है कि सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम 2021 के प्रावधानों का पालन न करने पर प्लेटफॉर्मों और उनके उपयोगकर्ताओं के खिलाफ आपराधिक कानूनों के तहत मुकदमे सहित अन्य परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं. सलाह में सोशल मीडिया कंपनियों को सूचना प्रौद्योगिकी नियम 2021 के उन प्रावधानों की याद दिलाई गई है जो ऑनलाइन प्लेटफॉर्मों को यह आदेश देते हैं कि उनके उपयोगकर्ता किसी भी ऐसी जानकारी को होस्ट, प्रदर्शित, अपलोड, संशोधित, प्रकाशित, प्रसारित, संग्रहीत, अपडेट या साझा न करें जो अश्लील, पोर्नोग्राफिक, बाल यौन शोषण से संबंधित, बच्चों के लिए हानिकारक या गैरकानूनी हो.