प्राण प्रतिष्ठा के दो वर्ष पूर्ण: 5 वर्षों में 45 करोड़ आए श्रद्धालु, आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित हुई रामनगरी

धर्म admin 31 Dec 2025, 10:26 pm 1 min read
Ramlala Pran Pratishtha: अयोध्या में बुधवार को रामलला की प्राण प्रतिष्ठा द्वादशी धूमधाम से मनाई गई. दो वर्ष पूर्व आज ही के दिन रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की गई थी. इस अवसर पर यज्ञ, हवन और पूजन हुए. वैदिक मंत्रोच्चार के बीच रामलला का अभिषेक किया गया. इस अवसर पर सीएम योगी ने कहा कि अयोध्या ने स्वतंत्र भारत के बाद रामजन्मभूमि आंदोलन के कई परिणाम देखे. कुछ लोगों ने तुष्टिकरण और वोट बैंक की राजनीति के चलते रामनगरी को युद्ध का मैदान बना दिया था. पिछली सरकार ने अयोध्या को लहूलुहान करने का प्रयास किया.पिछले पांच वर्ष में 45 करोड़ से अधिक श्रद्धालु अयोध्या आए. पिछली सरकार में बिजली, पानी, सड़क जैसी कनेक्टिविटी नहीं थी. लोग यहां आते नहीं थे. लेकिन अब सारी सुविधाएं हैं. अब जो भी श्रद्धालु यहां आता है तो वह अभिभूत होकर जाता है. योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले एक दशक में अयोध्या की स्थिति में काफी बदलाव आया है. उन्होंने कहा कि पहले यह मंदिर नगरी निजी स्वार्थों और धार्मिक कट्टरता से प्रेरित लोगों के कारण अशांति और संघर्ष का गढ़ बन गया था.

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चमकी अयोध्याः योगी
इस मौके पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी राम मंदिर परिसर में स्थित अन्नपूर्णा मंदिर में ध्वजारोहण किया और प्राण प्रतिष्ठा की दूसरी वर्षगांठ के अवसर पर प्रार्थना में भाग लिया. मुख्यमंत्री ने श्री राम जन्मभूमि आंदोलन में सिंह की सक्रिय भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि लगभग 500 वर्षों के बाद मंदिर में रामलला की प्रतिमा की स्थापना पूरे देश के लिए गौरव और भावनात्मक संतुष्टि का क्षण है. अयोध्या में एक धार्मिक सभा को संबोधित करते हुए आदित्यनाथ ने कहा कि श्री सिंह राज्य सरकार और संगठन में विभिन्न जिम्मेदारियों को निभाते हुए राम जन्मभूमि आंदोलन से घनिष्ठ रूप से जुड़े रहे. मुख्यमंत्री ने याद दिलाया कि अयोध्या ने स्वतंत्रता के बाद राम जन्मभूमि आंदोलन के कई चरण देखे हैं. आरोप लगाया कि तुष्टीकरण की राजनीति और धार्मिक कट्टरता के कारण पवित्र नगर एक समय अशांति और संघर्ष का केंद्र बन गया था. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में पिछले 11 वर्षों में स्थिति में निर्णायक बदलाव आया है. योगी ने कहा कि अयोध्या का नाम ही यह बताता है कि यहां कभी कोई युद्ध नहीं हुआ क्योंकि कोई भी शत्रु इसकी वीरता, शक्ति और गौरव के आगे टिक नहीं सका.

अयोध्या बना भारत का पहला सौर शहर
योगी ने तीन ऐतिहासिक घटनाओं का जिक्र किया, जिनमें सबसे पहली घटना 5 अगस्त, 2020 थी, जब मोदी अयोध्या का दौरा करने वाले और राम मंदिर का भूमि पूजन करने वाले पहले प्रधानमंत्री बने, जिससे सदियों के अपमान का अंत हुआ. उन्होंने कहा कि इसके बाद 22 जनवरी 2024 को प्रधानमंत्री के नेतृत्व में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा हुई. तीसरी ऐतिहासिक घटना इस वर्ष 25 नवंबर को मंदिर के मुख्य शिखर पर भगवा ध्वजारोहण थी. उन्होंने कहा कि ध्वजारोहण ने दुनिया को एक सशक्त संदेश दिया कि सनातन धर्म सर्वोपरि है और राष्ट्र की आध्यात्मिक चेतना का मार्गदर्शन करता रहेगा. योगी ने कहा कि अयोध्या में उल्लेखनीय परिवर्तन हुआ है. पिछले पांच वर्षों में 45 करोड़ से अधिक श्रद्धालु दर्शन करने आए हैं. उन्होंने वर्तमान स्थिति की तुलना पूर्व के वर्षों से की, जब बिजली, पानी, स्वच्छता, सड़कें और सुरक्षा जैसी बुनियादी सुविधाओं का अभाव था. उन्होंने कहा कि अयोध्या अब भारत का पहला सौर शहर बनकर उभरा है और अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे, बेहतर कनेक्टिविटी और उन्नत नागरिक सुविधाओं सहित आधुनिक बुनियादी ढांचे से सुसज्जित है.